18 46 खाद की जानकारी आज के समय में किसानों के लिए बहुत जरूरी हो गई है। ज्यादातर किसान 18:46 खाद को DAP के नाम से जानते हैं और बिना पूरी जानकारी के खेत में डाल देते हैं। सही मात्रा और सही समय पर इस्तेमाल न करने से न सिर्फ पैसा बर्बाद होता है, बल्कि मिट्टी का पोषक संतुलन भी बिगड़ जाता है।
इस लेख में आपको 18:46 खाद की पूरी जानकारी मिलेगी – यह क्या है, इसमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं, प्रति एकड़ कितनी मात्रा डालनी चाहिए, कब डालना सबसे अच्छा है, अलग-अलग फसलों में कैसे इस्तेमाल करें और किन गलतियों से बचना चाहिए।

18 46 खाद की जानकारी , 18:46 खाद क्या है?
18:46 खाद को आमतौर पर DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) कहा जाता है। इसका पोषक ग्रेड 18-46-0 होता है। यानी इसमें:
- 18% नाइट्रोजन (N)
- 46% फॉस्फोरस (P₂O₅ के रूप में)
- 0% पोटाश (K₂O)
होता है। इसमें पोटाश बिल्कुल नहीं होता, इसलिए इसे पूरी NPK खाद नहीं माना जा सकता। अगर खेत में पोटाश की कमी है तो सिर्फ 18:46 खाद डालने से काम नहीं चलेगा।
एक बोरी 18:46 खाद में कितना पोषक तत्व होता है?
बाजार में आमतौर पर 50 किलो की बोरी मिलती है। इसमें लगभग:
- 9 किलो नाइट्रोजन
- 23 किलो फॉस्फोरस (P₂O₅)
होता है।
18:46 खाद के प्रमुख फायदे
- पौधे की जड़ें मजबूत बनाने में मदद करता है
- फसल की शुरुआती वृद्धि अच्छी होती है
- फॉस्फोरस की कमी वाली मिट्टी में बहुत उपयोगी
- बुवाई के समय बेसल खाद के रूप में आसानी से डाला जा सकता है
- एक ही खाद से नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों मिल जाते हैं
प्रति एकड़ 18:46 खाद कितनी डालें?
18:46 खाद की मात्रा हर खेत और फसल के लिए एक जैसी नहीं होती। यह निर्भर करती है:
- मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट पर
- फसल की जरूरत पर
- लक्ष्य पैदावार पर
उदाहरण:
अगर किसी फसल को 46 किलो फॉस्फोरस (P₂O₅) चाहिए तो लगभग 100 किलो 18:46 खाद लगेगी। इससे 18 किलो नाइट्रोजन भी मिल जाएगा, इसलिए बाकी नाइट्रोजन की योजना अलग से बनाएं।
सलाह: हमेशा Soil Health Card या मिट्टी परीक्षण के आधार पर मात्रा तय करें। “एक एकड़ में इतनी बोरी” वाला तरीका सही नहीं है।
18:46 खाद कब डालें?
सबसे सही समय बुवाई या रोपाई के समय है। इसे मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। बीज के सीधे संपर्क में ज्यादा मात्रा न डालें, नहीं तो अंकुरण प्रभावित हो सकता है।
खड़ी फसल में बार-बार 18:46 खाद डालना आमतौर पर जरूरी नहीं होता।
अलग-अलग फसलों में 18:46 खाद का उपयोग
- गेहूं: बुवाई के समय दें
- धान: रोपाई के समय बेसल में उपयोग करें
- मक्का: शुरुआती विकास के लिए अच्छा
- चना और अरहर: फॉस्फोरस के लिए उपयोगी
- सरसों: नाइट्रोजन और फॉस्फोरस मिलता है, सल्फर अलग से दें
- सब्जियां: जरूरत के अनुसार ही डालें
18:46 खाद और अन्य खादों में अंतर
| खाद | नाइट्रोजन | फॉस्फोरस | पोटाश | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|---|---|
| 18:46 (DAP) | 18% | 46% | 0 | नाइट्रोजन + फॉस्फोरस |
| यूरिया | 46% | नहीं | नहीं | सिर्फ नाइट्रोजन |
| SSP | कम | फॉस्फोरस + सल्फर | नहीं | फॉस्फोरस + सल्फर |
| NPK | तीनों | तीनों | तीनों | संतुलित NPK |
18:46 खाद डालते समय आम गलतियां
- हर फसल में एक जैसी मात्रा डालना
- मिट्टी परीक्षण न करवाना
- 18:46 खाद को पूरी खाद समझ लेना
- ज्यादा खाद = ज्यादा पैदावार समझना
- बीज के साथ सीधे मिलाकर डालना
- नकली या बिना लेबल वाली खाद खरीदना
18:46 खाद का सही इस्तेमाल कैसे करें?
- मिट्टी परीक्षण करवाएं
- फसल की जरूरत के अनुसार मात्रा तय करें
- 18:46 खाद से मिलने वाले नाइट्रोजन को कुल जरूरत में शामिल करें
- पोटाश और सल्फर की कमी हो तो अलग से दें
- बुवाई के समय उचित दूरी पर डालें
- जैविक खाद (गोबर की खाद या कंपोस्ट) का भी इस्तेमाल करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न: 18:46 खाद और DAP एक ही हैं क्या?
उत्तर: हां, आमतौर पर 18:46 खाद को DAP ही कहा जाता है।
प्रश्न: 18:46 खाद में पोटाश होता है क्या?
उत्तर: नहीं, इसमें पोटाश बिल्कुल नहीं होता।
प्रश्न: एक बोरी 18:46 खाद में कितना नाइट्रोजन होता है?
उत्तर: 50 किलो की बोरी में लगभग 9 किलो नाइट्रोजन होता है।
प्रश्न: क्या ज्यादा 18:46 खाद डालने से पैदावार ज्यादा होगी?
उत्तर: जरूरी नहीं। जरूरत से ज्यादा डालने से खर्च बढ़ता है और मिट्टी का संतुलन बिगड़ सकता है।
प्रश्न: 18:46 खाद कब डालना सबसे अच्छा है?
उत्तर: बुवाई या रोपाई के समय बेसल खाद के रूप में।
निष्कर्ष
18:46 खाद की जानकारी से साफ हो जाता है कि यह एक अच्छी और जरूरी फॉस्फेटिक खाद है, लेकिन सही मात्रा और सही समय पर ही डालनी चाहिए। मिट्टी परीक्षण के आधार पर इस्तेमाल करें तो लागत भी बचेगी और पैदावार भी अच्छी रहेगी।
अगली बार जब भी 18:46 खाद खरीदें तो पैकेट का ग्रेड जरूर चेक करें और अपने खेत की असल जरूरत के हिसाब से मात्रा तय करें।

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